क्या आप भी हैं सर्दियों में चाय पीने के शौक़ीन - fun offbeat

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Saturday, 7 October 2017

क्या आप भी हैं सर्दियों में चाय पीने के शौक़ीन

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भारत ही नहीं दुनिया भर में चाय पीना लोगों की दिनचर्या का एक अहम हिस्सा है। इंडिया में चाय अंग्रेजों द्वारा उनके अपने इस्तेमाल के लिए लायी गयी थी, लेकिन अब ये भारतीयों की फेवरिट बन गयी है। हर घर में आपको चाय के शौक़ीन मिल ही जायेंगे। चाय की लोकप्रियता का अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते है कि हर गली, मोहल्ले और नुक्कड़ पर कुछ और मिले न मिले एक चाय की दुकान जरूर मिलेगी, जहाँ लोग अपनी छोटी मोटी पर्सनल परेशानी से लेकर देश के बड़े-बड़े मुद्दों पर चुस्कियों के साथ चर्चा करते हैं। अकेले भारत में ही 70-80% लोग हर सुबह अपने दिन की शुरुआत चाय पीने से करते हैं। वैसे तो चाय के शौकीनों के लिए चाय हर मौसम में जरूरी है, लेकिन सर्दियाँ आते ही चाय की लत कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है, नॉर्मली 1-2 कप चाय पीने वाले भी सर्दियों के आते ही चाय की डोज बढ़ाकर 5-6 कप तक कर देते हैं। ये एक अच्छी आदत नहीं है। चाय एक मेडिकल प्लांट है, सर्दियों में इसका सेवन काफी फायदेमंद होता है, लेकिन तभी जब सीमित मात्रा में किया जाये। नार्मल और लो ब्लड प्रेशर वालों के लिए सीमित मात्रा में चाय पीना औषधि समान है, लेकिन जिनका ब्लड प्रेशर हाई रहता है उनके लिए सर्दियों में ज्यादा चाय नुकसानदायक हो सकती है। इसके अलावा सर्दियों में ज्यादा चाय का सेवन अनिद्रा, पेट की खराबी, जी मिचलाना और यूरिन सम्बन्धी परेशानियां दे सकता है। आज बात करेंगे कुछ ऐसे टिप्स की जिनसे आप सर्दियों में चाय का मज़ा भी ले सकें और सेहत को कोई नुकसान भी न हो।

चाय पीने से पहले ध्यान रखें ये बातें

  • सर्दियों में भी एक दिन में 2-3 कप से ज्यादा चाय न पियें। चाय कभी खाली पेट न पियें।
  • सुबह अगर बेड-टी पीते हैं तो 10-15 मिनट पहले एक गिलास पानी पीने के बाद ही चाय पियें, इस से चाय का दुष्प्रभाव कम होता है।
  • चाय को कभी डिस्पोजेबल या प्लास्टिक के कप में न पियें, क्योंकि गर्म चाय से प्लास्टिक के कण पिघल कर चाय में मिल जाते हैं और शरीर के अंदर पहुँच जाते हैं, जिस से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने के आसार बढ़ जाते हैं।
  • ज्यादा गर्म चाय न पियें इस से गले के टिश्यू को नुकसान पहुँचता है। ज्यादा स्ट्रांग चाय पीने वालों को अल्सर होने का खतरा रहता है, इससे पेट की अंदरुनी सतह में जख्म हो जाने की आशंका बढ़ जाती है।
  • चाय में टैनिन नामक तत्व पाया जाता है, जो आयरन को पचाने में बाधक होता है। इस लिए अगर कुछ आयरन युक्त चीजें जैसे- हरी सब्जी, फल या दवाई ली है तो उस के 2 घंटे बाद ही चाय का सेवन करें।
  • सर्दियों में चाय जल्दी से ठंडी हो जाती है लेकिन फिर भी रखी हुई चाय को बार-बार गर्म करके बिलकुल न पियें, ये बहुत हानिकारक है। इस से पेट में बाईल जूस की प्रक्रिया प्रभावित होती है जिस से जी मिचलाना और गैस बनना जैसी परेशानी हो सकती हैं।

सर्दियों में पियें सेहत वाली चाय

मसाला चाय - 

सर्दियों में चाय बनाते समय उसमे अदरक, लौंग, काली मिर्च, इलायची और दालचीनी डाल दें। इस से चाय का स्वाद और सेहत दोनों बढ़ जायेंगे, कुछ तुलसी के पत्ते चाय में डाल देने से सर्दियों में कफ से राहत मिलती है।

मुलेठी की चाय - 

साधारण चाय तैयार करते समय चुटकी भर मात्रा मुलेठी की डाल दी जाए तो चाय में एक नया स्वाद पैदा होता है और चाय स्वादिष्ट भी लगती है। दमा और सर्दी खाँसी से परेशान लोगों को इस चाय को प्रतिदिन दिन में दो से तीन बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेना चाहिए, माना जाता है कि मुलेठी के गुणों की वजह से चाय सेहत के हिसाब से अत्यंत लाभकारी हो जाती है।

लेमन ग्रास टी - 

हल्की सी नींबू की सुंगध लिए इस चाय की चुस्की गजब की ताजगी ले आती है। लेमन ग्रास की तीन पत्तियों को हथेली पर कुचलकर दो कप पानी में डाल दिया जाता है और उबाला जाता है। हलकी सी शक्कर डालकर इसे तब तक उबाला जाता है जब तक कि यह एक कप बचे। जो लोग अदरक का स्वाद पसंद करते हैं, वे अदरक भी इसमें डाल सकते हैं। इस चाय में भी दूध का उपयोग नहीं होता है। इस चाय में मौजूद एंटीओक्सीडेंट गुण शारीरिक संक्रमण को नियंत्रित करने में काफी असरकारक होते है।

ग्रीन टी - 

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ये चाय हमारी रेगुलर चाय से ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व न केवल दिमाग, बालों और त्वचा के लिए बल्कि मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, बढ़ते वज़न और हड्डियों के लिए भी फायदेमंद हैं। क्योंकि इसमें टैनिन पाया जाता है इसलिए इसका सीमित मात्रा में प्रयोग करना चाहिए।

ब्लैक टी - 

आमतौर पर ब्लैक टी को भी रेगुलर चाय से ज्यादा सेहतमंद माना जाता है क्योंकि इसमें दूध का प्रयोग नहीं किया जाता इसलिए इसमें कम कैलोरी होती हैं, ब्लैक टी पीने से वजन कम होता है। इसके अलावा ये तनाव को कम करती है, लेकिन ब्लैक टी पीने से पेट फूल जाता है और भूख नहीं लगती है।

हिबिस्कस टी - 

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ये गुड़हल के फूल की पत्तियों से बनाई जाती है, इसे बनाने के लिए पानी में अदरक और दालचीनी मिलकर उबाल लें, बर्तन को आंच से उतार कर गुड़हल की पत्तियां डालें और 5-10 मिनट के लिए ढँक कर छोड़ दें। यह लाल रंग की होती है और स्वाद में खट्टी होती है। मीठी चाय पीने वाले इसमें शहद या गुड़ डालकर पी सकते हैं। ये चाय हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में सहायक होती है। 

अनंतमूल की चाय - 

अनंतमूल स्वभाव से गर्म प्रकृति का पौधा होता है, इसकी जड़ों को पानी में खौलाया जाता है। इसी पानी में थोड़ी सी चाय की पत्तियों को भी डाल दिया जाता है। दमा और सांस की बीमारी से ग्रस्त रोगियों को इसे दिया जाता है। जब ज्यादा ठंड पड़ती है तो इसी चाय का सेवन सभी लोग करते हैं, माना जाता है कि यह चाय शरीर में गर्मी बनाए रखती है।
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