इस बात की सूचक हैं कलाई पर बनी ये मणिबंध रेखायें - fun offbeat

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Wednesday, 6 September 2017

इस बात की सूचक हैं कलाई पर बनी ये मणिबंध रेखायें

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सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र में शरीर के विभिन्न अंगों की बनावटों और लक्षणों के आधार पर व्यक्ति के भविष्य का निर्धारण किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के ही एक अंग हस्त रेखा शास्त्र के अनुसार हमारी कलाई पर आड़ी स्थिति में कुछ रेखाएं होती हैं, इन रेखाओं को मणिबंध कहा जाता है। हथेली का ये हिस्सा भी व्यक्ति की उम्र और भाग्य से जुड़ी कई बातें बता देता है। हस्तरेखा के संबंध में यह ध्यान रखना चाहिए कि पुरुषों के दाएं हाथ और महिलाओं के बाएं हाथ का अध्ययन विशेष रूप से करना चाहिए। सभी लोगों के हाथों की मणिबंध में रेखाओं की संख्या अलग-अलग होती है। किसी व्यक्ति के हाथ में मणिबंध की एक रेखा होती है, किसी के हाथ में दो या किसी व्यक्ति के हाथ में तीन रेखाएं भी होती हैं।

मणिबंध में एक रेखा हो तो - 

यदि किसी व्यक्ति की हथेली के मणिबंध पर सिर्फ एक ही रेखा हो और वह कटी फटी ना हो, तो यह सुख की दृष्टि से शुभ है। यदि ये रेखा टूटी हुई ना हो तो व्यक्ति कम उम्र में ही कई उल्लेखनीय कार्य करता है तथा उसे धन संबंधी सुख भी प्राप्त होते हैं। परन्तु मणिबंध पर एक ही रेखा हो तो यह उम्र के लिहाज़ से अच्छी नहीं मानी जाती है, यदि जीवन रेखा भी टूटी या कटी हुई है तो व्यक्ति अल्पायु हो सकता है।

यदि दो रेखाएं हों - 

यदि किसी व्यक्ति की हथेली में मणिबंध पर दो रेखाएं हों, वे टूटी हुई ना हों, जंजीर नुमा लड़ियां हों तो यह शुभ लक्षण होता है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में सभी सुख-सुविधाएं रहती हैं। परन्तु यदि किसी व्यक्ति की हथेली में मणिबंध की दो रेखाएं हैं और यहां बताए गए शुभ लक्षण नहीं हैं तो वे रेखाएं बताती हैं कि व्यक्ति को जीवन में कठिन परिश्रम करना होगा।

यदि तीन रेखाएं हों तो - 

यदि किसी व्यक्ति की हथेली के मणिबंध पर तीन रेखाएं हों और वे रेखाएं कहीं से टूटी हुई ना हो और, रेखाओं में जौ के आकार की लड़ियां बनी दिखाई देती हों तो ऐसी रेखाएं व्यक्ति को भाग्यशाली बनाती हैं। ऐसा मणिबंध होने पर व्यक्ति सभी प्रकार के सुख प्राप्त करता है। ध्यान रखें यदि मणिबंध में तीन रेखाएं हों और वे टूटी हुई दिखाई देती हैं तो यह अशुभ लक्षण होता है। ऐसी रेखाएं जिन लोगों के हाथ में होती हैं, वे कड़ी मेहनत के बाद ही कुछ सफलता या सकारात्मक फल प्राप्त कर पाते हैं। इनके जीवन में संघर्ष अधिक होता है।

इसके अलावा मणिबंध का विश्लेषण करते समय इन बातों पर भी ध्यान देना चाहिए 

  • मणिबंध में तीन रेखाएं यदि शुभ लक्षणों वाली हों तो उस व्यक्ति की उम्र लम्बी करीब 70 से 85 वर्ष तक की हो सकती है। जबकि इन रेखाओं पर अशुभ लक्षण होने से उम्र छोटी हो सकती है। वैसे किसी व्यक्ति की वास्तविक उम्र का सही सही अंदाज़ा लगाने के लिए मणिबंध के अलावा जीवन रेखा एवं कुंडली के अन्य योगों का विश्लेषण भी जरूरी है। 
  • हथेली में मणिबंध का हिस्सा भरा हुआ हो, यहां कलाई की हड्डी दिखाई नहीं देती हो तो, लुंज पुंज न हो तो यह शुभ लक्षण होता है। मणिबंध का भाग सुन्दर दिखाई देता है तो यह व्यक्ति को भाग्यशाली बनाता है।
  • हथेली में जीवन रेखा अच्छी स्थिति में ना हो और मणिबंध शुभ लक्षण वाला है तो व्यक्ति को भाग्य का साथ मिल सकता है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।
  • गरुड़ पुराण के अनुसार यदि मणिबंध में हड्डियां दिखाई नहीं देती हैं और कलाई तथा हथेली का जोड़ मजबूत है तो यह सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। इसके विपरीत मणिबंध होने पर व्यक्ति को जीवन में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है और दुर्घटना के भी योग बनते हैं।
  • भाग्यशाली होने के लिए मणिबंध में रेखाएं होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रेखाओं में सुंदर जंजीर नुमा आकृति होनी चाहिए। जौ के आकार के यव परस्पर एक-दूसरे से जुड़े हुए दिखाई देना चाहिए।
  • मणिबंध के साथ ही हथेली में अन्य रेखाओं का अध्ययन करना भी जरूरी है। दूसरी रेखाओं के शुभ-अशुभ प्रभाव से मणिबंध के प्रभाव बदल भी सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति की हथेली में मणिबंध का हिस्सा ढीला और लटकता हुआ दिखाई देता है तो यह अशुभ लक्षण होता है। मणिबंध का हिस्सा सुंदर ना हो और हथेली को हिलाने से कुछ आवाज होती हो, हथेली और कलाई का जोड़ मजबूत दिखाई नहीं देता हो तो यह व्यक्ति के दुर्भाग्य का सूचक है।
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